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Motihari Land News: बेतिया राज की जमीन पर प्रशासन सख्त, 500 लोगों को नोटिस, फर्जी जमाबंदी होगी रद्द

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Alam Ki Khabar: पूर्वी चंपारण में बेतिया राज और चीनी मिल की जमीनों पर कथित अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। करीब 500 लोगों को नोटिस जारी किया गया है।

मोतिहारी, 19 जुलाई। आलम की खबर: पूर्वी चंपारण जिले में बेतिया राज और चीनी मिल की जमीनों पर कथित अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत मोतिहारी सदर अंचल कार्यालय ने लगभग 500 लोगों को संबंधित भूमि खाली करने के लिए नोटिस जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि जिन मामलों में नियमों के विपरीत जमाबंदी कायम की गई है या संदिग्ध तरीके से भूमि का हस्तांतरण हुआ है, उनकी समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बेतिया राज की कई जमीनों की कथित रूप से अनियमित तरीके से रजिस्ट्री कराई गई और उसके आधार पर जमाबंदी भी दर्ज करा ली गई। शिकायतों के सत्यापन के बाद राजस्व अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है। अंचल स्तर पर अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है और जिन मामलों में गड़बड़ी मिलेगी, वहां जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल बेतिया राज की संपत्तियों तक सीमित नहीं रहेगा। चीनी मिल की भूमि सहित अन्य सरकारी जमीनों से जुड़े मामलों की भी जांच होगी। यदि किसी सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा या दस्तावेजों में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत बेतिया राज संपत्ति नियमावली-2026 के बाद तेज हुई है। इसके तहत पूर्वी चंपारण सहित संबंधित जिलों में बेतिया राज की संपत्तियों का सत्यापन, मापी और अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सरकारी भूमि को नियमानुसार संरक्षित रखना है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे भी कई मामलों में कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में संबंधित लोगों से नोटिस का समय पर जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की गई है।

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सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी

सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों का सही रिकॉर्ड तथा पारदर्शी प्रबंधन किसी भी राज्य के विकास के लिए आवश्यक है। यदि भूमि अभिलेखों में अनियमितता या अवैध कब्जे के मामले सामने आते हैं तो निष्पक्ष जांच और कानून के अनुरूप कार्रवाई जरूरी होती है। साथ ही, कार्रवाई के दौरान सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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